Friday, August 20, 2010

Hindi Khabar : सांसदों की तनख्वाह होगी 50 हजार रुपये, वेतन में बढ़ोतरी को कैबिनेट की मंजूरी

सांसदों की तनख्वाह होगी 50 हजार रुपये, वेतन में बढ़ोतरी को कैबिनेट की मंजूरी

नई दिल्ली। कैबिनेट ने सांसदों के वेतन में बढ़ोतरी की सिफारिश को मंजूर कर लिया है। हालांकि सांसदों का नया वेतन 50 हजार रुपये ही होगा जबकि संयुक्त संसदीय समिति ने सांसदों का वेतन 80001 रुपये करने की सिफारिश की थी। इस तरह सांसदों के वेतन में लगभग 300 फीसदी के इंक्रीमेंट का रास्ता साफ हो गया है।

शुक्रवार को कैबिनेट ने सांसदों के वेतन बढ़ोतरी के प्रस्‍ताव को मंजूरी दे दी। इससे पहले सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मतभेद के चलते यह फैसला टाल दिया गया था। लेकिन इसके बाद राजद और सपा ने संसद में इसका भारी विरोध किया। राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने तो यहां तक कह दिया कि जो लोग सांसदों का वेतन बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं, उनके स्विस बैंक में खाते हैं।

सोमवार को कैबिनेट में कुछ मंत्रियों ने सुझाव दिया था कि इस बाबत कोई भी फैसला बाहरी विशेषज्ञों की समिति या समूह बनाकर उसकी राय लेने के बाद ही होना चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम, सूचना-प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी, आप्रवासी मामलों के मंत्री वायलार रवि और रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कैबिनेट बैठक में आम लोगों के बीच गलत संदेश जाने का अंदेशा जताया था। लेकिन शुक्रवार को कैबिनेट ने प्रस्‍ताव को हरी झंडी दे दी। अब प्रस्‍ताव संसद में रखा जाएगा, जहां से इसके पारित होने को लेकर कोई संदेह नहीं है। इसके बाद सांसदों को 16000 रुपये हर महीने के बजाय 50000 रुपये हर महीने मूल वेतन मिलेगा।

संयुक्त संसदीय समिति ने सुझाव दिया था कि सांसदों का वेतन सचिव स्तर के अधिकारियों से 1 रूपया ज्यादा होना चाहिए। सचिवों को फिलहाल 80,000 रुपए मासिक वेतन मिलता है। लेकिन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी वेतन बढ़ाने के प्रस्ताव पर तो सहमत थे लेकिन वित्तीय अड़चनों का हवाला देते हुए उन्होंने इसे जेपीसी के सुझाव के अनुरूप पूरी तरह मानने से इनकार कर दिया था।

फिलहाल सांसदों को 16,000 रुपए मूल मासिक वेतन मिलता है। सांसदों को इसके अलावा संसद के सत्र के दौरान हर दिन 1,000 रुपए का विशेष भत्ता और 20,000 रुपए संसदीय क्षेत्र भत्ता के रूप में भी दिए जाते हैं। दिल्‍ली में निवास, हवाई व रेल यात्रा, बिजली, फोन आदि की सुविधा भी दी जाती है।

Hindi Khabar : पाकिस्तान ने कबूल किए 50 लाख डॉलर, कुरैशी ने की भारत की तारीफ

पाकिस्तान ने कबूल किए 50 लाख डॉलर, कुरैशी ने की भारत की तारीफ

न्यूयॉर्क। बाढ़ से बेहाल पाकिस्तान ने भारत की ओर से मदद के तौर पर 50 लाख डॉलर देने की पेशकश को कबूल करने की बात कही है। न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी भारत सरकार की तारीफ़ करते हुए कहा कि “पाकिस्तान ने उसूली तौर पर भारत की मदद की पेशकश को कबूल करने का फ़ैसला कर लिया है। अब उसके बारे में जो कागज़ी कार्रवाई है वह अभी करना बाक़ी है।”

गुरूवार को ही भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से फोन पर बातकर मदद की पेशकश दोहराई थी। उसी के बाद पाकिस्तानी सरकार ने भारत की मदद स्वीकार करने का फैसला किया।

गौरतलब है कि करीब एक हफ़्ते पहले भारत सरकार ने पाकिस्तान के लिए 50 लाख डॉलर की रकम बतौर मदद देने की पेशकश की थी जिसके जवाब में पाकिस्तानी सरकार ने भारत का शुक्रिया तो अदा किया था लेकिन इस मदद को स्वीकार करने पर सोच-विचार करने की बात कही थी।

उधर अमरीका ने भारत के पाकिस्तान को आर्थिक सहायता देने की पेशकश का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत की ओर से उठाया गया यह बहुत अच्छा कदम है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए अमरीका के विशेष दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने कहा, “भारत की की पेशकश से मैं बहुत खुश हूं। यह एक अच्छा कदम है।”

Hindi Khabar : बगावत पर उतरे टेनिस सितारे

Hindi Khabar : बगावत पर उतरे टेनिस सितारे

नई दिल्ली.NNI.20अगस्त। बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर भारत के चोटी के खिलाड़ियों के राष्ट्रमंडल खेलों से हटने की धमकी देने से इनकार करने के बाद अखिल भारतीय टेनिस संघ [एआईटीए] को शुक्रवार को शर्मसार होना पड़ा जब यह प्रकाश में आया कि चार मुख्य टेनिस खिलाड़ियों ने हटने की धमकी दी है।

राष्ट्रमंडल खेलों के लिए लिएंडर पेस, महेश भूपति, सोमदेव देववर्मन और रोहन बोपन्ना की पुरुष टेनिस टीम ने एआईटीए को पत्र लिखा है कि अगर अगले महीने तक उन्हें भुगतान नहीं किया गया तो 'उनमें से कोई भी अक्टूबर में होने वाले खेलों के लिए उपलब्ध नहीं रहेगा।' राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी के लिए भूपति को मामूली रकम के अलावा किसी खिलाड़ी को एक पैसा भी नहीं मिला है। एक दिन पूर्व ही संभावित बहिष्कार से इनकार करने वाले एआईटीए महासचिव अनिल खन्ना ने आज यह स्वीकार किया और कहा कि खेल मंत्रालय के साथ बात चल रही है और एक हफ्ते के अंदर इस मामले को सुलझा लिया जाएगा। खन्ना ने कहा, 'सरकार खिलाड़ियों के प्रति संवेदनशील है और मुझे उम्मीद है कि एक हफ्ते के भीतर हल निकल आएगा।' खन्ना ने आज खेल मंत्रालय के अधिकारियों के साथ मुलाकात की लेकिन इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी। उन्होंने हालांकि कहा कि इस मामले में प्रगति हुई है और सभी खिलाड़ी खेलों के लिए उपलब्ध रहेंगे।

खिलाड़ियों को खन्ना द्वारा लिखे पत्र के मुताबिक एआईटीए ने खेल मंत्रालय को चारों पुरुष खिलाड़ियों और सानिया मिर्जा प्रत्येक को उनकी तैयारी के लिए 17,250 डालर देने को कहा है। यह राशि दो साल के लिए है और राष्ट्रमंडल खेलों के लिए खिलाड़ी को साल में 75 दिन के लिए प्रतिदिन 115 डालर मिलने वाली राशि के सरकार के नियम के मुताबिक है। एआईटीए इस बात पर भी जोर दे रहा है कि खिलाड़ियों को साल में कम से कम 180 दिन और अधिकतम 280 दिन के लिए भुगतान हो।

सरकार ने हालांकि कथित तौर पर यह कहते हुए इस प्रस्ताव को नकार दिया कि वे टेनिस खिलाड़ियों के लिए नियम नहीं बदल सकते। सरकार चाहती है कि खिलाड़ी अपने होटल बिल, हवाई टिकट और अन्य खर्चो के वास्तविक बिल दें जो खिलाड़ियों के लिए मुश्किल हैं क्योंकि वह काफी यात्रा करते हैं और जटिल सरकारी प्रक्रिया में नहीं पड़ना चाहते।

खन्ना ने खिलाड़ियों को लिखा है, 'हमने सरकार को सुझाव दिया कि हमारे पास खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय टेनिस खेलने का सबूत है इसलिए हमें बिल की मांग नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह काफी मुश्किल काम है और खिलाड़ी अपने सहायक स्टाफ को भी साथ ले जाते हैं इसलिए वह अपनी जेब से काफी अधिक राशि का भुगतान करते हैं।'

राष्ट्रमंडल खेलों की राशि के भुगतान के अलावा खिलाड़ियों ने पत्र में एशियाई खेलों और ओलंपिक के लिए राशि के भुगतान में विलंब की भी शिकायत की है और वे यह भी चाहते हैं कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए डेविस कप की तरह सहायक स्टाफ मिले। खन्ना ने कहा कि इस राशि के भुगतान की स्वीकृति देने में एआईटीए की कोई भूमिका नहीं है क्योंकि इन टूर्नामेंटों के लिए राशि को भारतीय ओलंपिक संघ से स्वीकृति मिलनी चाहिए और वे केवल खिलाड़ियों की तरफ से संबंधित अधिकारियों के साथ बात कर सकते हैं। खिलाड़ियों ने अपने पत्र में साफ कर दिया है कि डेविस कप मुकाबलों को लेकर एआईटीए की ओर से कोई भुगतान लंबित नहीं है।

Hindi Khabar : हादसे नहीं विध्वंसक कार्रवाई का शिकार हुई थी ज्ञानेश्वरीएक्सप्रेस:ममता

Hindi Khabar : हादसे नहीं विध्वंसक कार्रवाई का शिकार हुई थी ज्ञानेश्वरीएक्सप्रेस:ममता

नई दिल्ली. NNI.20अगस्त। रेल मंत्री ममता बनर्जी ने आज फिर दोहराया कि ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस किसी हादसे का नहीं बल्कि विध्वंसक कार्रवाई का शिकार हुई थी।

सुश्री बनर्जी ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के जवाब में कहा ..इस मामले की जांच की जा रही है लेकिन पहली नजर में यह विध्वंसक कार्रवाई का मामला लगता है।

उनसे पूछा गया था कि इस दुर्घटना की जांच के क्या परिणाम मिले हैं और क्या यह सही है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों ने लालगढ में हुई उस रैली में भाग लिया था जिसमें रेल मंत्री ने भी भाषण दिया था।सुश्री बनर्जी ने कहा कि वैसे यह राजनीतिक प्रश्न है लेकिन फिर भी वह इसका उत्तर देंगी। उन्होंने कहा कि इससे जुड़ी किसी भी चीज का उनकी रैली से कोई वास्ता नहीं है।

Hindi Khabar : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सोनिया ने दी स्व.राजीव गांधी को श्रद्धांजलि

Hindi Khabar : राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सोनिया ने दी स्व.राजीव गांधी को श्रद्धांजलि

नई दिल्ली.NNI.20अगस्त। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शुक्रवार को वीर भूमि पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी 66वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

यह दिन सद्भावना दिवस के रूप में मनाया जा रहा है और इसके बाद 20 अगस्त से तीन सितम्बर तक सामाजिक एकता पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा।

सद्भावना दिवस का उद्देश्य धर्म, जाति, भाषा और क्षेत्र के भेदभाव बिना राष्ट्रीय एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना है। राजीव की 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरम्बदूर में हत्या हो गई थी। वह 1984 से 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे।

Hindi Khabar : देश में क्रिकेट मैचों की प्रायोजक बनी एयरटेल

देश में क्रिकेट मैचों की प्रायोजक बनी एयरटेल

मुंबई.NNI.20अगस्त। देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी-भारती एयरटेल ने भारत में 2010 से 2013 तक होने वाले सभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का प्रायोजक संबंधी करार अपने नाम कर लिया है।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की विज्ञप्ति के मुताबिक एयरटेल ने भारत में होने वाले प्रत्येक एकदिवसीय, टेस्ट और ट्वेंटी-20 मैच के लिए प्रति मैच 3.33 करोड़ रुपये की बोली लगाई।

तीन वर्ष के अंतराल में भारतीय टीम को अपने देश में लगभग 50 मैच खेलने हैं और इस लिहाज से एयरटेल को इस करार के बदले बीसीसीआई को लगभग 165 करोड़ रुपये देने होंगे।

इस करार के लिए कुल 10 कंपनियों ने आवेदन किया था। इनमें आइडिया सेल्युलर, फोन निर्माता कंपनी-कार्बन और माइक्रोमैक्स प्रमुख हैं। भारत में पहली बार तीन वर्ष के अंतराल में होने वाले सभी क्रिकेट मैचों के लिए एक आधिकारिक प्रायोजक हासिल हुआ है।

Sunday, August 15, 2010

Hindi Khabar : स्वतंत्रता दिवस की ढेरों बधाइयां, मनमोहन ने 7वीं बार फहराया तिरंगा

Hindi Khabar : स्वतंत्रता दिवस की ढेरों बधाइयां, मनमोहन ने 7वीं बार फहराया तिरंगा

नई दिल्ली. NNI. 15 अगस्त। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 64वें स्वतंत्रता दिवस पर आज दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा फहराया। इस साल 7वीं बार तिरंगा फहराते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को स्वतंत्रता की बधाई दी। इस ऐतिहासिक मौके पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कई खास घोषणाएं की। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित देश के कई गणमान्य नेता लाल किले पर मौजूद थे।
भारी सुरक्षा के बीच राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के लेह में बादल फटने से हुए लोगों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए लद्दाख के जल्द में जल्द पुनर्वास के लिए हर संभव मदद देने की घोषणा की।

राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन को देश के लिए गौरवपूर्ण अवसर करार देते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विश्वास जताया कि देशवासी इसे राष्ट्रीय त्योहार के रूप में लेंगे और इसके सफल आयोजन में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेल हमारे देश, खासकर दिल्लीवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण अवसर है। मुझे विश्वास है कि देशवासी राष्ट्रीय त्योहार के रूप में इसे लेने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों का सफल आयोजन विश्व को इशारा होगा कि हमारा देश किस आत्मविश्वास के साथ विकास के रास्ते पर आगे चल रहा है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश के 64वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए महंगाई पर कहा कि सरकार इस पर काबू पाने के लिए हर संभव उपाय कर रही है। कृषि के क्षेत्र में सरकार ने सरकारी निवेश पर जोर दिया और पैदावार बढ़ाने की कोशिश की। इसके लिए जिला स्तर पर प्रयास किए गए। पिछले कुछ सालों में कृषि विकास की दर में बढ़ोतरी हुई है लेकिन हम लक्ष्य से अभी भी दूर हैं। हमें और कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है ताकि कृषि विकास की दर 4 फीसदी तक पहुंचाया जा सके।

उन्होंने महंगाई पर कहा कि मुझे पता है कि आप बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। गरीब जनता पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। जब अनाज और सब्जियों के दाम बढ़ते हैं तो इसका सबसे ज्यादा बोझ गरीब भाइयों पर पड़ता हैं।
उन्होंने कहा कि हम महंगाई को कम करने की हर मुमकिन कोशिश में लगे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि हम जल्द ही इसमें सफल होंगे। उन्होंने पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में पिछले दिनों की गई भढ़ोतरी को उचित ठहराते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है और देश की अर्थव्यवस्था के लिए इसका बोझ उठाना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि हम अपनी जरूरतों का 80 फीसदी पेट्रोलियम का आयात करते हैं।

प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद पर कहा कि ये एक गंभीर समस्या है। उन्होंने हिंसा का रास्ता अख्तियार करने वाले नक्सलियों से सख्ती से निपटने की बात कही। उन्होंने लाल किला से राष्ट्र को संबोधित करते हुए नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़ देश के विकास में भागीदार बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि नक्सल समस्या से निपटने के लिए केंद्र और राज्यों को एक जुट होकर काम करना होगा। देश के प्राकृतिक संसाधनों के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों को बचाना जरूरी है।

जम्मू-कश्मीर में जारी हिंसा पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। जम्मू-कश्मीर में हिंसा से कुछ हासिल नहीं होने वाला है। भारतीय लोकतंत्र देश के किसी भी हिस्से और गुट की मुश्किलों को हल कर सकने में सक्षम है।

देश में सूखे के हालात और मंदी पर उन्होंने कहा कि सरकार ने डट के इन कठिन परिस्थियों का सामना किया। साथ ही देश की आर्थिक विकास दर के बारे में बताया कि आर्थिक विकास दर दुनिया के कई देशों से बेहतर रही है। भारत को दुनिया के तेज आर्थिक विकास वाले देश में गिना जाता है। दुनिया में हमारा सम्मान किया जाता है। हमारी बात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुनी जाती है।